जो जल रहा था धुआं-धुआं,
बारिश भी उसके नसीब में इथेनॉल मिले पेट्रोल की ही थी।
पानी की यहाँ ज़रा किल्लत रहती है।

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Parallel Perspectives | Senseless Rantings | Different, Little Things

जो जल रहा था धुआं-धुआं,
बारिश भी उसके नसीब में इथेनॉल मिले पेट्रोल की ही थी।
पानी की यहाँ ज़रा किल्लत रहती है।
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