ABSINRAW
Parallel Perspectives | Senseless Rantings | Different, Little Things
Category: कविताएँ
इस श्रेणी में हम हिंदी भाषा में रंगीन और महसूसी कविताओं को साझा करेंगे। यहाँ अलंकार, भावनाओं, और विचारों का खेल बयां होता है जो शब्दों के माध्यम से जीवन की सच्चाई को परिपूर्ण करते हैं। इस कविता की दुनिया में आकर आप भावों के साथ साथ भावनाओं को भी महसूस करेंगे। चाहे वह प्रेम की बात हो या जीवन के ताल्लुकात, यहाँ आपको हर वह कवितायेँ मिलेगी जो आपके दिल को छू जाने और सोच पर गहरा प्रभाव छोड़ने की चेष्टा करेंगी।
-

मेरी प्यास से सूखे हुए चेहरे की दरारें नहीं, आँखों में पानी को चाहने की जद्दोज़हद देखो।
-

हर दो कदम पर ठिठक कर, आस पास नज़रें घुमाता हूँ। दूर किसी राह पर कोई साया दिखे, तो मुँह मोड़ कर इमारतों के जंगलों में गायब हो जाता हूँ। पक्के रास्तों से कभी बनी नहीं, कच्ची राहों में वो नमी नहीं। जहां कदम चले, वहीं आगे बढ़ जाता हूँ। भटक जाता हूँ अपने आप…
-

मैं गुम हो चला हूँ, कहीं खो गया हूँ, लावारिस पड़ा हूँ, कहाँ आ गया हूँ?
-

घाट की आड़ में जब चाँद चुप छुपता रहा.. तारों की चादर से लिपटी नींद भी जाती रही.. तुम थीं, मैं था, रात थी खामोशी के संग साथ में.. लफ़्ज़ों का क्या काम था जब सांसों के संग सांस थी..
-
कि अब जो रास्ते मुख़ातिब हुए, वो नज़रों के दायरे में पहले ना थे। कि ख़्वाब जो बंद लिफाफों में रखे, काग़ज़ों के पुलिंदों से गहरे ना थे।