ABSINRAW
Parallel Perspectives | Senseless Rantings | Different, Little Things
Category: कविताएँ
इस श्रेणी में हम हिंदी भाषा में रंगीन और महसूसी कविताओं को साझा करेंगे। यहाँ अलंकार, भावनाओं, और विचारों का खेल बयां होता है जो शब्दों के माध्यम से जीवन की सच्चाई को परिपूर्ण करते हैं। इस कविता की दुनिया में आकर आप भावों के साथ साथ भावनाओं को भी महसूस करेंगे। चाहे वह प्रेम की बात हो या जीवन के ताल्लुकात, यहाँ आपको हर वह कवितायेँ मिलेगी जो आपके दिल को छू जाने और सोच पर गहरा प्रभाव छोड़ने की चेष्टा करेंगी।
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टूट कर बिखरे हुए उम्मीद की मेरी,कंकड़ ये कांच के हैं अब नासूर बन गए। जिस इबादत के नशे में धुत था मैं कामिल,उस ख़ुदा के अश्क साझा शौक बन गए। वक़्त ही मरहम है, दिल के घाव गहरे हैं,कुछ रश्क भरी हैं ख्वाहिशें, जिन पर सब पहरे हैं। दरख़्त-ए-दिल की शाखों में जितने घरोंदे…
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कश्मकश नहीं थी ज़िन्दगी,जो बनकर रह गयीइक जद्दोजहद,बस धुंधली सी तस्वीर रह गयी तूफां से बचते-सहते गर दरार पड़ गयी,तो ये भी क्या बुरा है। बारिश की कुछ उम्मीद थीछाता उठा लिया,ख़ुदा भी था रूठा सा,सूरज दहका दिया बूँदें पसीने की थी जिनसे हम नहा गए,तो ये भी क्या बुरा है। तन्हा हम इस सफ़र…
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है एक समय की बात पुरानी ,अजब कहानी। शुरुआत उसकी दमदार बड़ी!अँखियाँ आपस लड़ हार मरी। था एक लड़का,और एक लड़की। यहीं हर बार तो होता है। पहले क्यूटी है, बाबू, शोना है,फिर तो बस, रोना है। पर इनका प्यार पुराना था,जैसे वो बचपन से पचपन वाला.. लड़का थोड़ा दीवाना था..ख्वाब हॉलीवुड,खुद बॉलीवुड। लड़की रहती मद्धम…