अंत का अंतिम पहर ठहर गया,
वक़्त का ढहता साँचा संभल गया,
हर विधि का विधान बदल गया,
आज आखिरकार मेरा खोटा सिक्का चल गया.

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अंत का अंतिम पहर ठहर गया,
वक़्त का ढहता साँचा संभल गया,
हर विधि का विधान बदल गया,
आज आखिरकार मेरा खोटा सिक्का चल गया.
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